Showing posts with label BST. Show all posts
Showing posts with label BST. Show all posts

Thursday, 23 May 2013

Jansevak ko message-aadesh

मनमोहन जी.

जैसी हमारी कुछ दिन पहले बात हुई थी, मैं आपको  `जनसेवक को मेसेज-आदेश` प्रचार-तरीके और पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली के बारे में बताया था फोन पर | मैं आपको अटैचमेंट में कुछ फाइल भेज रहा हूँ |

आप ये फाइल इन लिंक पर भी देख सकते हैं -

www.prajaadheenshasan.wordpress.com 

हर नागरिक का कर्तव्य ---`जनसेवक को मेसेज-आदेश` प्रचार-तरीका

पार्ट-1 - http://tiny.cc/po24ww ;  पार्ट-2 - http://tiny.cc/03b5ww ; पार्ट-3 - http://tiny.cc/fn44ww ; 

प्रश्नोत्तरी - http://tiny.cc/zic5ww ; मेसेज-आदेश के कुछ और उदाहरण - http://tiny.cc/mjg5ww


कृपया इसे पढ़ कर अपने जनसेवक को मेसेज-आदेश करें और भेजा गया मेसेज-आदेश का जनता को प्रमाण दीजिए वाल-नोट, पचे, गूगल डोक, आदि द्वारा ताकि जनता को प्रमाण मिले और दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा मिले |

धन्यवाद सहित |

ओम |

कश्यप |

भारत स्वाभिमान सदस्य, गुडगाँव |

Saturday, 24 November 2012

Paardarshi Shikayat / Prastaav Pranali , Right to recall-lokpal aur Kala dhan waapis kaise laayein ki Prakriya-draft

अशित जी,

भारत स्वाभिमान मंडल प्रभारी, बरेली 

ओम |

जैसे कि हमारी फोन पर चर्चा हुई थी पारदर्शी शिकायत / प्रस्ताव प्रणाली के बारे में , मैं आपको कुछ लिंक दे रहा हूँ जहाँ से प्रक्रिय और राईट टू रिकाल-लोकपाल , राईट टू रिकाल-प्रधानमंत्री, और काला धन कैसे वापिस ला सकते हैं की प्रक्रियाएँ डाउनलोड कर्र सकते हैं अथवा ऑनलाइन भी पढ़ सकते हैं |  ये सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शिता और व्यवस्था परिवर्तन के लिए बहुत आवश्यक हैं |

यदि डाउनलोड करने में कोई कठिनाई हो तो कृपया सूचित करें | कृपया इसको पढ़ कर आपकी और आपके साथियों की राय जरुर दें , जितना शीग्र हो सके  |

==================================================== 

कृपया ये लिंक डाउनलोड करें और दूसरों को बताएं ताकि हमारी देश को भ्रष्ट लोकपाल , प्रधानमंत्री, जज, अधिकारी  नुकसान नहीं पहुंचा सके और देश को बेच नहीं सके और अपने वाल के नोट, ब्लॉग आदि पर भी डालें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें और पढ़ सकें -

राईट टू रिकाल-लोकपाल-


डाउनलोड लिंक -
www.righttorecall.info/406.pdf  


ऑनलाइन लिंक -

www.righttorecall.info/406.htm

संक्षिप्त में राईट टू रिकाल के ड्राफ्ट-


डाउनलोड लिंक -

www.righttorecall.info/011.h.pdf

ऑनलाइन लिंक -

www.righttorecall.info/011.h.htm


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-

डाउनलोड लिंक -
www.righttorecall.info/004.h.pdf 

ऑनलाइन लिंक - 

www.righttorecall.info/004.h.htm

प्रश्नोत्तरी पर विडियो हिंदी में -

http://www.youtube.com/user/TCPHindiFAQs

विस्तार में `राईट टू रिकाल समूह` के प्रस्तावित ड्राफ्ट-

www.righttorecall.info/301.h.pdf

============

काला धन भारत वापस लाने के लिए क़ानून-ड्राफ्ट -

डाउनलोड लिंक -

www.righttorecall.info/bm.h.pdf



ऑनलाइन लिंक -

http://tiny.cc/cqe6iw 



कश्यप |



Wednesday, 29 August 2012

Fwd: Acharya Balkrishan ji`s bail


इस मेल का कोई जवाब नहीं आया -

---------- Forwarded message ----------
From: kmoksha rishi <kmoksha@gmail.com>
Date: 2012/7/27
Subject: Acharya Balkrishan ji`s bail
To: divyayoga@rediffmail.com


मान्यवर महोदय,

हम भारत स्वाभिमान के समर्थक हैं | हमआचार्य बालकृष्ण जी की बेल करवाने का प्रयत्न कर रहे हैं और अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े हुए भारतीय नागरिक हैं | 

लेकिन आचार्य बालकृष्ण जी की बेल करने के लिए , कृपया उनकी वारंट की कापी चाहिए , जो उनके गिरफ़्तारी के समय दी गयी थी |

ताकि ये पता चल सके कि उनको किन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है और बेल भी नहीं दी है |

इसीलिए गिरफ़्तारी कि नोटिस की कापी ई-मेल द्वारा भेजें |

हो सके तो बेल ना देने का कोर्ट का आर्डर भी ई-ईमेल द्वारा भेजने की कृपा करें | 

धन्यवाद सहित,

कश्यप |

Tuesday, 21 August 2012

Fwd: plzz forward this to swamiji............



---------- Forwarded message ----------
From:  <krantiveerhindustani@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject: plzz forward this to swamiji............
To: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com
Cc: divyayoga.drarya@gmail.com



नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 

Fwd: plzz read swamiji..we are RTR actibvists...we just want u make this demand and read our draft...it contains many gud laws and it can help to boost your 9 august andolan



---------- Forwarded message ----------
From: <unbeatablesaini@gmail.com>
Date: 2012/8/6
Subject: Fwd: plzz read swamiji..we are RTR actibvists...we just want u make this demand and read our draft...it contains many gud laws and it can help to boost your 9 august andolan
To: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com, "DR.ARYA Jaideep" <divyayoga.drarya@gmail.com>, divyayoga@rediffmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 







Fwd: plzz read..important information..



---------- Forwarded message ----------
From: shivam saini <mr.shivamsaini@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject: plzz read..important information..
To: divyayoga@rediffmail.com
Cc: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 




Fwd: plzz read bst activists..important message



---------- Forwarded message ----------
From: <specialnordinary@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject: plzz read bst activists..important message
To: divyayoga@rediffmail.com
Cc: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 


Fwd: plzz read bharat swabhiman activists and plzz forward it swamiji



---------- Forwarded message ----------
From: <sainibraveheart@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject: plzz rtead bharat swabhiman activists and plzz forward it swamiji
To: divyayoga@rediffmail.com
Cc: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 


Fwd: an imortant message to swamiji...



---------- Forwarded message ----------
From: UNKNOWN IDENTITY <sincerelysaini@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject: an imortant message to swamiji...
To: divyayoga@rediffmail.com
Cc: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 

Fwd:



---------- Forwarded message ----------
From: Shivam Saini <sincerelyshivam@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject: please read swamiji..itzz a request and plzz respond
To: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com
Cc: divyayoga@rediffmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 



Fwd:



---------- Forwarded message ----------
From: shivam saini <unitedindianrevolution@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject:
To: divyayoga.drarya@gmail.com
Cc: divyayoga@rediffmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके | 




Fwd: plzz give postive relpy swamiji.........plzz read below mentioned law and our all drafts..they are brilliant laws .we just want u to demand these laws also....they can be very gud ..plzz visit link of pdf file and file which i have send u



---------- Forwarded message ----------
From: Shivam Saini <sainicowboy@gmail.com>
Date: 2012/8/6
Subject: plzz give postive relpy swamiji.........plzz read below mentioned law and our all drafts..they are brilliant laws .we just want u to demand these laws also....they can be very gud ..plzz visit link of pdf file and file which i have send u
To: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com, "DR.ARYA Jaideep" <divyayoga.drarya@gmail.com>, divyayoga@rediffmail.com
Cc: yogatijarawala@gmail.com




---------- Forwarded message ----------
From: Shivam Saini <sainicowboy@gmail.com>
Date: 2012/8/5
Subject:
To: bharatswabhimanheadoffice@gmail.com
Cc: divyayoga.drarya@gmail.com


नमस्कार,
  स्वामी जी कुछ दिन पहले आपका आस्था टी.वी.चैनल पर भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को 9 अगस्त के बारे में संबोधित करते हुए सुना | स्वामी जी आप और राजीव दीक्षित जी एक बात पर सहमत है कि जब तक व्यवस्था परिवर्तन या कानून को सुधारा नहीं जाएगा तब तक कोई भी केवल एक मुद्दे पर आन्दोलन करना उचित नहीं होगा | और चूँकि हमारे पास कोई कानून है ही नहीं जिससे कि काला धन आ सके या आने के बाद वापस चला न जाए इसको रोकने के लिए, इसलिए हमें क्रांति करके ऐसा कानून बनाना चाहिए कि उस कानून के आ जाने के बाद नागरिकों के पास ऐसी शक्ति आ जाए ताकि उन्हें अपना मांग या देश हित के कानून बनाने के लिए बार-बार रास्ते में उतरना न पड़े और न ही किसी मंत्री या न्यायधीश के पास जाकर भीख माँगना पड़े |
स्वामी जी आपने कहा है कि 9 अगस्त की क्रांति आर-पार की होगी | तो स्वामी जी अभी हमारे देश में अच्छे कानूनों का अभाव है और स्वामी जी यह हमेशा संभव नहीं होता कि हर एक मुद्दे पर हजारों लाखो की संख्या को इकठ्ठा करके क्रांति करना | स्वामी जी एक प्रस्तावित कानून (Transparent Complaint Procedure - TCP) है जो कि मात्र ३ लाइन का है और यदि यह कानून एक बार आ गया तो हम सारे अच्छे कानून और व्यस्था परिवर्तन इसके मदद से ३ या ४ महीने में करवा सकते हैं |
मै इस पत्र के साथ, ३ लाइन के कानून (TCP) का पृष्ठ भी अटैचमेंट में भेज रहा हूँ | अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखिये - righttorecall.info/001.hl.pdf या मुझे संपर्क करे |

अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न- www,righttorecall.info/004.h.pdf


===============================

 सम्पूर्ण `जनता की आवाज़`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)  ड्राफ्ट

[अधिकारी]                            
प्रक्रिया
1.   [ कलेक्टर (और उसके क्लर्क) ]      
कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर यदि अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी या भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद या कोई भी हलफ़नामा / एफिडेविट कलेक्टर को देता है तो कोई भी दलील दिये बिना कलेक्टर ( या उसका क्लर्क ) उस हलफ़नामा / एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर सीरियल नंबर दे कर पधानमंत्री वेबसाइट पर रखेगा।
2.    [पटवारी (तलाटी ,लेखपाल) और उसका क्लर्क ]
कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या फरियाद या हलफ़नामा / एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क लेकर पटवारी नागरिक का मतदाता संख्या, नाम, फोटो, अंगुली के छाप , उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा। नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी। पटवारी नागरिक की हाँ या ना 3 रूपये देकर बदलेगा। गरीबी रेखा नीचे के नागरिको से शुल्क 1 रूपये का होगा। 
3.         ----------------
ये कोई रेफेरेनडम/जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्याधीश, सांसद, विधायक, आदि पर अनिवार्य नही होगी। लेकिन यदि भारत के 37 करोड़ मतदाता, वृद्ध मतदाता या कोई भी 37 करोड़ नागरिक मतदाता कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करे तो पधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे सकते हैं या इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है । उनका निर्णय अंतिम होगा।
मांग किये गये इस `जनता की आवाज़` सरकारी हुक्म(राजपत्र अधिनियम) का सार है :-
  1. यदि नागरिक चाहे तो अपनी फरियाद 20 रूपये हर पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर पधानमंत्री के वेबसाइट पर रखवा सकेगा।
  2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर फरियाद पर अपनी हाँ/ना पधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा।
  3. हाँ/ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है।
ये पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) ये पक्का करेगा कि नागरिकों की शिकायत/प्रस्ताव हमेशा दृश्य है और जाँची जा सकती है कभी भी ,कहीं भी, किसी के भी द्वारा ताकि शिकायत को  कोई नेत्ता, कोई बाबू(लोकपाल आदि) ,कोई जज या मीडिया न दबा सके |